भगवद गीता की ये 7 बातें आपकी ज़िन्दगी बदल सकती है Bhagwat Geeta in Hindi

भगवद गीता की ये 7 बातें आपकी ज़िन्दगी बदल सकती है Bhagwat Geeta in Hindi

7 Life Lessons from Bhagwat Geeta in Hindi: भगवत गीता इस धरती की सबसे कीमती ज्ञान का स्रोत है। इस ज्ञान की असल में कोई कीमत नहीं है। इस ज्ञान में इतनी ताकत है कि आप को बदल कर रख देगी। और इसे इतना इंपोर्टेंट ऐसे ही नहीं माना गया इसके पीछे एक बहुत बड़ी वजह है। दोस्तों आप से विनम्र निवेदन करता हूं कि इस पोस्ट “7 Life Lessons from Bhagwat Geeta in Hindi” को लास्ट तक पढ़िएगा, क्योंकि गीता की बातें अगर कोई भी इंसान जान ले तो, उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। भगवत गीता ज्ञान बुद्धिमता और प्रतिभा से भरा हुआ है। मतलब दोस्तों आज आपको इस पोस्ट ‘7 Life Lessons from Bhagwat Geeta in Hindi’ में खजाने की चाबी मिलने वाली है।

7 Life Lessons from Bhagwat Geeta in Hindi

1. अपने काम को करते रहो बिना किसी फल की चिंता किए

यह एक बहुत ही पॉपुलर कोट्स(Quotes) है, “कर्म किए जा, फल की चिंता मत कर” आप चाहे कुछ भी करो लेकिन उस काम को लालच, इगो यानी अहंकार से मत करो, बल्कि मोहब्बत, दया और समर्पण से करो। मतलब की कोई काम जो आप कर रहे हो तो उसे पूरे मन से करो, पूरा ध्यान उस में लगा दो। लेकिन अक्सर मुझसे मेरे कुछ दोस्तों ने यह पूछा है की, यार आखिर यह कैसे संभव हो सकता है? मतलब अगर आप कोई काम आप कर रहे हो तो आप उसके फल को देख कर ही वह काम कर रहे हो न, मतलब की आपके मन में यह सोच है कि अगर आप इस काम को करोगे तो आपको वह मिलेगा। तभी तो आप वह काम कर रहे हो, तभी तो आपके अंदर मोटिवेशन आ रही है। तो अगर फल की चिंता ना करें तो काम कैसे करेंगे? Bhagwat Geeta in Hindi

वेदों के अनुसार ब्रम्हांड की शुरुआत ऐसे हुई थी

देखो भाई बात यहां काम को पूरे फोकस के साथ करने की है तो सिंपल बात यह है कि कोई भी काम आप तभी पूरे पावर के साथ कर सकते हो, जब आपके दिमाग में उस काम के बदले और कुछ नहीं चल रहा हो। मतलब कि जब आप काम कर रहे हो तो किसी और विचार को इग्नोर करना चाहिए। काम करने के वक्त काम और बस काम। चाहे वह विचार उस काम के फल का ही क्यों ना हो, आपको उसे नजरअंदाज कर देना चाहिए, क्योंकि अगर आप फल के बारे में सोचोगे तो आप उस काम को अपना हंड्रेड परसेंट फोकस नहीं दे पाओगे। इसलिए प्रेजेंट मोमेंट में यानी कि वर्तमान काल में रहकर आप उस काम को करने में ध्यान दो और उसके फल के बारे में भूल जाओ। अपने काम को हमेशा मन से करना चाहिए और उस काम से आपको क्या प्राप्त करना है उसके बारे में ज्यादा मत सोचो। तो ही आपके लिए अच्छा होता है। दोस्तों सिर्फ अपने काम पर ध्यान देने से आप किसी भी काम को शांतिपूर्वक और अच्छे से कर पाओगे। Bhagwat Geeta in Hindi

2. पांचों इंद्रियों के जरिए गलत तरीके से पाया हुआ सुख शुरू में बहुत मीठा लगेगा, लेकिन बाद में वह आपको जहर की तरह खत्म कर देगा।

इसका मतलब यह है कि गलत तरीके से मिली सुख का लालच आपको बहुत नीचे गिरा देगा। नशा करना या ऐसी कोई भी चीज जो गलत है वह आपको थोड़ी देर के लिए सुख दे सकता है, पर लंबे समय की बात करें तो वह आपको नीचे गिरा देगा। इसलिए जिंदगी में कोई ऐसा काम जो आपको पता है कि गलत है, उसे कभी मत करो। इसके बदले आपको वह काम करना चाहिए, जिससे आपको परम सुख मिले जो आपके दिमाग के अंदर केमिकल लोचा से उत्पन्न नहीं होती है, बल्कि वह इस दुनिया की परे की चीज है। और ऐसा आनंद आपको कैसे मिल सकता है? ऐसा सुख आपको मिलता है किसी से प्यार करके, लोगों की मदद करके, माता पिता की सेवा करके, गरीबों की मदद करके।

3. जिंदगी में सफलता का सबसे बड़ा राज है बैलेंस लाइफ यानी संतुलित जीवन

जिंदगी का कोई भी काम सोना, खाना या फिर जिंदगी की कोई भी चीज हो हर चीज को बैलेंस मूड में करो। यानी कि न कम और ना ही ज्यादा। इंसान को न ज्यादा सोना चाहिए और ना कम, न ही आपको ज्यादा खाना चाहिए और ना ही पूरा कम, आपको हर चीज को बैलेंस में रखना चाहिए, परफेक्टली बैलेंस (पूरा संतुलन) Bhagwat Geeta in Hindi

अपनी उंगली पर आप किसी चीज को रख कर देखना और इमेजिन करना यह आप हो। अगर आप थोड़ा इधर या उधर झुके तो गिरना पक्का है, पर अगर बीच में रहे तो हमेशा टिके रहोगे। यह कॉमन सी बात है पर तब भी यह बहुत जरूरी बात है।

4. अगर आप अपने दिमाग को कंट्रोल नहीं कर पा रहे हो तब आप उसके गुलाम बन जाते हो।

यह बेहतरीन कोट्स आपकी जिंदगी बदल सकती है। आपके जिंदगी में एक ना एक ऐसी चीज जरूर होगी चाहे वह किसी तरह का नशा हो या फिर कोई बुरी आदत, जिसे आप छोड़ना चाहते होंगे, पर आप छोड़ नहीं पा रहे हो। तो यह कोट्स उसी तरफ इशारा करता है। आपको अपने दिमाग को कंट्रोल करना सीखना चाहिए। अगर आप अपने दिमाग को कंट्रोल नहीं करोगे तो आपका दिमाग आपको कंट्रोल करेगा। इसलिए जब भी कोई चीज करने की सोचते हो तो उस पर विचार कर लेना चाहिए, की किया गया काम सही है या नहीं। आपको हमेशा अपने दिमाग की नहीं सुनना चाहिए। यह एक बहुत बड़ा डिबेट है कि आपको अपने दिल की बात सुननी चाहिए या अपने दिमाग की। तो इसका उत्तर है बैलेंस( मतलब दोनों का आधा आधा) Bhagwat Geeta in Hindi

आजकल आप जो भी तय करते हो यानी जो डिसीजन लेते हो वह 80 परसेंट दिमाग से ही लेते हो,वह भी दिमाग के लालच में आकर। तो आपको दोनों को यानी दिल और दिमाग दोनों को आधा-आधा प्रायरिटी महत्त्व देना चाहिए। ताकि आपका दिमाग आप पर हावी ना हो। इसका इसका एक उदाहरण देता हूं-

मान लो आप एक इंपॉर्टेंट एग्जाम दे रहे हो और सामने में ही एक टीचर है और वह इधर से उधर हॉल में सभी पर नजर रख रहा है, ताकि बच्चे चीटिंग ना करें। और ऊपर उस रूम में एक कैमरा भी लगा हुआ है। तो आपको उस एक्जाम में एक प्रश्न का उत्तर नहीं आ रहा है, और आपने बाकि सभी प्रश्न का उत्तर दे दिया है। पर एक प्रश्न का उत्तर आपको याद नहीं आ रहा है। बस आप उसका उत्तर लिख दोगे तो आप के 90% पक्के हैं। आप पूरी तरह से संतुस्ट हो। फिर आपके लालची दिमाग ने कहा कि बेटा चीटिंग कर ले। बस एक क्वेश्चन की तो बात है। फिर तेरे 95% मार्क्स पक्के। उस समय आपको यह पता नहीं है कि उस कैमरे से कोई आपको देख भी रहा है या नहीं। क्योंकि आपको तो पता ही होगा कि कोई देखता नहीं, वह तो वहां बैठ कर चाय पीते हैं। और कैमरे से देख भी रहे होंगे तो उतने स्टूडेंट्स में से आपको ही कैच कर ले, यह चांस बहुत कम है। और यह बात आपको पता है, तो इस परिस्थिति में आपके पास दो ही ऑप्शन है:

पहला आप उसको क्वेश्चन को छोड़ दो, पर आप उस 95% गोल्डन को नहीं छू पाओगे, और   80% में ही रहोगे

और दूसरा रिस्क ले लो और अगर सफल रहे तो 95% आपके।

तो देखा जाए, अगर आप दिल और दिमाग दोनों से काम लोगे तो आप पहला उपाय को ही चुनाव करोगे। क्योंकि दिल कहेगा कि 95% छोड़ अगर फस गए तो एक्जाम ही कैंसिल कर देंगे यह लोग। यह डर आपके दिल में पैदा होगा, जिसके चलते आपने नंबर वन को चुना। पर अगर आप उस तरह के इंसान हैं जो अपना सभी काम 80% दिमाग से ही करता है,तो आप नंबर 2 का चुनाव करोगे।

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दिमाग सिर्फ लालच वाली चीजों को ही दिखाता है। अगर आप अपने दिल और दिमाग दोनों से निर्णय लेते है तो ऑप्शन वन ही अच्छा है। क्योंकि अगर आप पकडे गए तो आपकी इतने सालों की मेहनत बर्बाद हो जाएगी। इसलिए दिल और दिमाग दोनों का आधा आधा इस्तेमाल करना चाहिए। क्योंकि आपने कुछ तय करते समय दिमाग से ज्यादा सोचा और दिल को नजर अंदाज किया, तो यह आपको बहुत नीचे ला सकता है। अगर आप चाहें तो थोड़ा-थोड़ा करके धैर्य के साथ और प्रैक्टिस के साथ आप अपने दिमाग को कंट्रोल कर सकतें है। Bhagwat Geeta in Hindi

5. इस दुनिया में वो कभी खुश नहीं रह सकता, जो हर चीज पर शक करता है। और नकारात्मक सोचता है।

इस दुनिया को आप जैसे देखते हो यह दुनिया आपको वैसे ही दिखती है। हर कोई का दिमाग एक चश्मे की तरह होता है, जिसे लगाकर वह इस दुनिया को देखता है। सेम एक ही घटना किसी के लिए अच्छी होगी और दूसरे के लिए ट्रेजेडी। टीवी में आपने ऐसे बहुत सारे रियलिटी शोज देखे होंगे, जिसे देख कर आपको लगता होगा कि लोग इसे कैसे देखते हैं? मुझे तो समझ में ही नहीं आता, पर फिर भी लोग देखते हैं। तो इस मामले में यह रियलिटी शो खराब है नॉनसेंस है, पर उन लाखों लोगों के लिए यह फेवरेट है। Bhagwat Geeta in Hindi

आप आप सोचो कि आपका फेवरेट शो कौन सा है, या आपकी फेवरेट मूवी कौन सी है, तो आपको अपने फेवरेट मूवी देखते समय जितना मजा आया है, इतना ही मजा लोगों को इस फालतू शो देखने में आता है। जो आपके लिए फालतू है, पर उन लोगों के लिए मस्त। तो यह दुनिया आपके नजरिए से बनती है। अगर आप ब्लू चश्मा पहन कर इस दुनिया को देखोगे तो आपको यह दुनिया ब्लू ही दिखेगी, और अगर रेड चश्मे को पहनोगे तो जाहिर है कि रेड दिखेगी।

आजकल तो आप सुनते ही होंगे कि यह दुनिया बर्बाद हो गई है, दुनिया में नकारात्मकता फैल गई है, दुनिया का अंत नजदीक है। पर आपने कभी सोचा है कि इतनी खराब कंडीशन में भी आज भी ऐसे लोग हैं जो बहुत खुश रहते हैं। वह इसलिए क्योंकि वह दुनिया को एक अलग नजर से देखते हैं। दुनिया को देखने का नजरिया आपको बदलना होगा, क्योंकि दुनिया जैसी है वैसे ही रहने वाली है। दुनिया नहीं बदलने वाली है पर आप अपनी नजरिया को जरूर बदल सकते हो। इसलिए अगर आपको खुश रहना है तो अपने नजरिए को बदलो और हर चीज को एक सकारात्मक चश्मे से देखो, और नकारात्मकता को अपनी जिंदगी से लात मारकर भगाओ, जिसने आपकी जिंदगी से खुशियां छीन ली है। Bhagwat Geeta in Hindi

6. इस दुनिया में जो भी घमंड करता है वह कभी भी खुश नहीं रह पाता

जो भी आपके पास है वह कभी भी आप खो सकते हो। कोई भी चीज आपके पास हमेशा के लिए नहीं होती और अगर आपके पास कुछ नहीं है तो इसका मतलब यह नहीं की जिंदगी भर आप कुछ हासिल नहीं कर पाओगे। क्योंकि याद रखिए वक्त हमेशा बदलता है। इस दुनिया में कोई भी चीज परमानेंट नहीं होती। इसलिए घमंड को त्याग देना चाहिए घमंड को त्यागोगे तो आप ऑटोमेटिकली अपनी जिंदगी में ऊपर उठओगे। इसलिए कभी किसी को अपने से नीचा नहीं मानना चाहिए। हर किसी को समान रूप से देखना चाहिए। Bhagwat Geeta in Hindi

7. कोई भी इंसान किसी काम में तभी माहिर बनता है, जब वह इंसान उस काम को करता है जो उसे पसंद है।

और इसे ही आप मॉडर्न भाषा में पैशन कहते हो। अगर आप उस काम को करोगे, जिस काम के लिए आप बने ही नहीं हो। तो आप कभी खुश नहीं रहोगे, और ना ही उस चीज में माहिर बन पाओगे। आपको लगेगा की यार क्या कर रहा हूं मैं? आप एक रोबोट जैसा फील करोगे। इसलिए जिंदगी में उसी करियर को चुनो जिसमें आपका इंटरेस्ट हो, जिसे करने में आपको मजा आता है। लोग जो कह रहे हैं कहने दो, याद रखो अगर आप कुछ नहीं करोगे, तब भी लोग कुछ कहेंगे ही। तो इन सबको नजरअंदाज करो और बस अपने पैशन और ड्रीम को फॉलो करो। Bhagwat Geeta in Hindi

तो दोस्तों आपको हमारी यह पोस्ट “7 Life Lessons from Bhagwat Geeta in Hindi” कैसी लगी, हमे कमेंट करके जरूर बताइएगा। क्यों की  आपका एक कमेंट हमे अच्छी से अच्छी पोस्ट लिखने के लिए प्रेरित करती है। धन्यवाद॥

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