Category: कविताएं

वक़्त Hindi poem on waqt

वक़्त वक्त ने ली ऐसी करवट क्यों लब खामोश से हो गए क्यों जज्बातों पर यूं बंदिश लगी कोहराम दिल में मचलने लगी फासले दरमियां ज्यूँ बढ़ गए जन्मों …

अफसाना Hindi Poem

अफसाना बीते ग़मों के साए में पनप रही जिंदगानी थी, बंद पड़े पन्नों की खिड़कियों से झांक रही तनहाई थी, सुलगते से अफसाने थे जिनमें जमाने की रुसवाई थी …