दीवानी सी लड़की Deewani si Ladki Poem in Hindi – Gyan Manthan

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दीवानी सी लड़की Deewani si Ladki Poem in Hindi

एक लड़की ऐसी दीवानी सी थी

जिंदगी उसकी एक अनसुलझी कहानी सी थी

कोई समझ कर भी न समझे ऐसी पहेली सी थी

खुद में खोई ख्वाबों की वो रानी सी थी

बचपन की मीठी यादों में उसकी रवानी सी थी

यौवन के दिन अदाओं में मग्न वो अलबेली सी थी

भीड़ से निकल दिलों में जगह बनाती सयानी सी थी

दुनिया में बिखरे रंजो गम से वह अनजानी सी थी

अपने अरमानों का जहां बसाती वो मस्तानी सी थी

हँसती-हँसाती फूलों तितलीयो संग खिलखिलाती सी थी

हमसफर का हाथ थामे चलना उसकी एक बंदगी सी थी

कर्तव्यों को निभाकर चलना उसकी ज़िंदगानी सी थी

कभी डगमगाती कभी संभालती चेहरे से मुस्कुराती सी थी

उदास खामोश रिश्तो को हंसी देना ज़िद उसकी पुरानी सी थी

मासूम सवालों से घिरने वाली वह मचलती पगली सी थी

फूलों सी खुशबू फिजा में फैलाती दमकती सी थी 

अनजाने अनछुए एहसासों को को गुमसुम तलाशती थी

ना जाने किसकी तलाश में उसकी निगाहें तरसती सी थी

क्या क्या किस्सा सुनाएं वह कैसी मचलती दीवानी सी थी

अपने ही धुन में खोई वक्त को पीछे छोड़ती उन्मुक्त पंछी सी थी

हर दिलों में प्यार हो ऐसे सपनो संग बढ़ती वो एक कहानी सी थी

एक लड़की ऐसी दीवानी सी थी।

Poem By Archana Snehi

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