स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष से वापस पृथ्वी पर कैसे आते हैं How Does Spacecraft Return To Earth

How Does Spacecraft Return To Earth

How Does Spacecraft Return To Earth: आपने अक्सर TV पर या अखबारों में रॉकेट का नाम सुना होगा तब आपके मन में यह सवाल जरूर आया होगा कि रॉकेट अंतरिक्ष में कैसे जाता है? और वहां से वापस पृथ्वी पर कैसे आता है? आज की पोस्ट में हम आप सबको यही बताएंगे.. कि कोई भी अंतरिक्ष यात्री जब स्पेस में जाता है तो वह पृथ्वी पर कैसे आता है?

अंतरिक्ष यात्री जिस यान से अंतरिक्ष में जाते हैं उसे स्पेसक्राफ्ट(Spacecraft) या फिर अंतरिक्ष यान कहते हैं। अगर मैं आपको यह कहूं कि रॉकेट स्पेस से वापस पृथ्वी पर आता है, तो यह बिल्कुल गलत होगा। क्योंकि दोस्तों रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट(Spacecraft) दोनों अलग-अलग होते हैं। रॉकेट उस यंत्र का नाम है जो न्यूटन के तीसरे गति के नियम पर काम करते हुए किसी भी उपग्रह यानी कि Spacecraft को अंतरिक्ष में ले जाने को सहायक होता है। जबकि Spacecraft वह यान होता है जिसके अंदर बैठकर अंतरिक्ष यात्री स्पेस में जाते हैं।

पृथ्वी पर से अंतरिक्ष में दो प्रकार से जाया जाता है

पहला

इसमें किसी सैटेलाइट या रोबोट को अंतरिक्ष में भेजा जाता है सैटेलाइट या रोबोट स्पेस में अर्थात अंतरिक्ष में रहकर ही अपना काम करते हैं। उन्हें वापस पृथ्वी पर लाने की जरूरत नहीं पड़ती। इसलिए सैटेलाइट को अंतरिक्ष में ले जाने के लिए सिर्फ रॉकेट का इस्तेमाल किया जाता है। इस रॉकेट में चारों तरफ ‘बूस्टर रॉकेट’ लगे हुए होते हैं। जो इसे पृथ्वी की सतह से ऊपर उठाने में मदद करते हैं। पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के बाहर जाकर धीरे-धीरे रॉकेट अलग-अलग टुकड़ों में टूटने लगता है। अंत में सिर्फ सैटेलाइट शेष बचता है, जो कि अंतरिक्ष में अपनी कक्षा में जाकर स्थापित हो जाता है। इस प्रकार के रॉकेट अंतरिक्ष में ही पूरी तरह अलग अलग हो जाते हैं। मतलब कि ऐसे रॉकेट पृथ्वी पर वापस नहीं आते।

दूसरा

इसमें इंसान रॉकेट के Spacecraft में बैठकर अंतरिक्ष में जाते हैं। इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए Spacecraft का इस्तेमाल किया जाता है। Spacecraft एरोप्लेन की तरह ही होता है। इसके अंदर अंतरिक्ष यात्रियों के लिए रहने, खाने, पीने, सोने की सारी व्यवस्थाएं होती है। Spacecraft के अगले हिस्से में उसका पूरा कंट्रोलिंग सिस्टम होता है जहां से अंतरिक्ष यात्री उसे कंट्रोल कर पाते हैं। इस स्पेसक्राफ्ट(Spacecraft) को 2 सहायक ‘बूस्टर रॉकेट’ तथा 1 ‘मेन इंजन रॉकेट’ से जोड़ा जाता है। ‘बूस्टर रॉकेट’ स्पेसक्राफ्ट को पृथ्वी की सतह से ऊपर उठाने में उसकी मदद करते हैं, और जैसे ही उनका इंधन समाप्त होता है यह Spacecraft से अलग हो जाते हैं।

अब बारी आती है ‘मेन इंजन रॉकेट’ की, स्पेस क्राफ्ट को स्पेस तक पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी इसी पर होती है। जैसे ही स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष में पहुंचता है तो ‘मेन इंजन रॉकेट’ भी स्पेसक्राफ्ट से अलग हो जाता है। और यहीं से शुरू हो जाता है स्पेसक्राफ्ट का सफर। अब अंतरिक्ष यात्री इस स्पेसक्राफ्ट को उसी तरह से चला सकते हैं जैसे कोई पायलट एरोप्लेन को चलाता है। इसके अंदर एडवांस टेक्नोलॉजी की सेंसर और मशीने लगी होती है, जिस के बदौलत अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में अपनी सारी रिसर्च और एक्सपेरिमेंट पूरा करते हैं। दोस्तों अंतरिक्ष में अंतरिक्ष यात्री का सारा रिसर्च पूरा हो जाने के बाद अब समय आता है उनके वापस पृथ्वी पर लौटने का…

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स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी पर वापस कैसे आता है? How Does Spacecraft Return To Earth

स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी पर वापस आने के लिए पृथ्वी के कक्षा के चारों ओर चक्कर लगाते हुए धीरे-धीरे पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश करने लगता है। पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश करते वक्त स्पेसक्राफ्ट जमीन के समानांतर ना होकर थोड़ा ऊपर उठा हुआ होता है क्योंकि पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते हुए स्पेसक्राफ्ट को तेज हवाओं का सामना करना पड़ता है। इस हवा के दबाव और घर्षण के कारण Spacecraft जल कर राख हो सकता है. अगर उसके ऊपर एक विशेष प्रकार की ताप रोधी चादर बिछी ना हो। यदि किसी कारणवश यह चादर ना हो या फिर टूट जाए तो स्पेसक्राफ्ट जल कर राख हो सकता है।

जैसे-जैसे स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी के सतह के नजदीक आता है वह पृथ्वी के समानांतर हो जाता है। और फिर हवाई जहाज के समान ही एयरपोर्ट रनवे पर लैंडिंग करता है। दोस्तों एरोप्लेन के समान ही लैंडिंग करते वक्त स्पेसक्राफ्ट में भी उसके पहिया खुल जाते हैं। लेकिन एयरपोर्ट पर लैंडिंग करते वक्त स्पेसक्राफ्ट की स्पीड बहुत ज्यादा होता है, इसलिए जब यह रनवे पर लैंडिंग करता है तो इसमें पीछे की तरफ एक पैराशूट खुल जाता है, और यह आसानी से लैंडिंग कर पाता है। इस तरह अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित पृथ्वी पर पहुंच जाते हैं।

यह स्पेसक्राफ्ट Reusable होते हैं मतलब की इनका दोबारा उपयोग भी किया जा सकता है। इस स्पेसक्राफ्ट को दोबारा से अंतरिक्ष में भेजने के लिए फिर से वही 2 ‘बूस्टर रॉकेट’ और एक ‘मेन इंजन रॉकेट’ को जोड़ दिया जाता है।

अब आपके मन में यह सवाल तो जरूर आ रहा होगा कि इस स्पेसक्राफ्ट में इतना इंधन कहां से आता है की यह स्पेस में ट्रेवल भी कर सकें और वापस पृथ्वी पर आ सके। तो दोस्तो आपके सवाल का जवाब है अंतरिक्ष में बने ‘इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन’

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन‘ पर पृथ्वी से वैज्ञानिकों द्वारा समय-समय पर अंतरिक्ष यात्रियों के लिए खाने-पीने का सामान जरूरी मशीनें और इंधन भेज दिया जाता है। और वहीं से अंतरिक्ष यात्री यह सारा सामान दोबारा प्राप्त कर सकते हैं। तो दोस्तों अब तक आपको यह समझ में आ ही गया होगा कि स्पेस से पृथ्वी पर रॉकेट नहीं बल्कि स्पेसक्राफ्ट वापस आता है। और अंतरिक्ष यात्री Spacecraft के द्वारा ही अंतरिक्ष में जाते हैं।

लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दूं की हाल ही में कुछ महीने पहले एक प्राइवेट स्पेस कंपनी ‘स्पेस-एक्स’ (SpaceX) के मालिक एलोन मस्क (Elon Musk) ने Reusable रॉकेट बना लिए हैं। मतलब कि रॉकेट भी अब उपग्रह को उसकी कक्षा में स्थापित करने के बाद वापस पृथ्वी पर आ सकेगा। लेकिन अभी इस काम को पूरा होने में थोड़ा वक्त लगेगा।

दोस्तों अगर आप चाहते हैं की मैं ‘एलोन मस्क’ और उनकी कंपनी ‘स्पेस एक्स’ द्वारा बनाई गई रॉकेट की पूरी डिटेल आपको दूं, तो आप मुझे नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बताइए। अगर इस टॉपिक पर 50 से ज्यादा कमेंट आ जाते हैं तो मैं इस टॉपिक पर एक पोस्ट लिख दूंगा।

उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह पोस्ट “How Does Spacecraft Return To Earth” अच्छा लगा होगा, अगर आपको हमारा पोस्ट अच्छा लगता है तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिए। धन्यवाद॥

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