स्वामी विवेकानंद की ये 3 बातें ज़िन्दगी बना देगी Swami Vivekananda Motivation

Life lesson from Swami Vivekananda in Hindi

Life lesson from Swami Vivekananda in Hindi: दोस्तों आज का यह पोस्ट बहुत स्पेशल है क्योंकि आज मैं आपके साथ बात करने जा रहा हूं भारत के उस महान दिव्य पुरुष की जिन्होंने ऐसा-ऐसा सिद्धांत दिए की उनके सिद्धांत ने पूरे इंडिया को बदल दिया, कई देशों की सोच बदल दिया। और मेरा यकीन है की अगर आप इस पोस्ट को पूरा पढ़ेंगे तो आज आपकी सोच को बदल देगा। उस इंसान के फोल्लोवेर्स की लिस्ट में ऐसे-ऐसे नाम है जिनको पूरी दुनिया फॉलो करती है। ग्रेट साइंटिस्ट निकोलाय तेसला, फादर ऑफ नेशन महात्मा गांधी, इंडिया के फर्स्ट प्राइम मिनिस्टर पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंडिया को लिटरेचर में फस्ट प्राइस दिलवाने वाली रविंद्र नाथ टैगोर आदि…ऐसे कई बड़े बड़े नाम उनके फॉलोज की लिस्ट मे शामिल है। मै बात कर रहा हूँ ‘स्वामी विवेकानंद “Swami Vivekananda” के बारे में…

स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) दुनिया के लिए सन्यासी थे, लेकिन सन्यासी होने के बाद जो उन्होंने हमेशा देश के डेवलपमेंट, देश के तरक्की बारे में सोचा। उन्होंने देश के युथ(नौजवान) को यह लिए सोचने के लिए मजबूर कर दिया की कैसे वो अपने अंदर छुपे पोटेंशियल को बाहर निकाल सकते हैं? कैसे अपने लिए, अपने परिवार के लिए, अपने देश के यूज़ कर सकते हैं। स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) वेदो के ज्ञान को सिंपल लैंग्वेज(साधारण भाषा) में लोगों तक पहुंचाया। वह एक Visionary थे, उन्हें पता था कि फ्यूचर मे दुनिया मे क्या-क्या प्रॉब्लम आने बाली है। Humanity को क्या प्रोब्लेम्स आने वाली है। उन्होंने कितनी सारी बुक्स लिखें जैसे… कर्मयोग, भक्ति योगा, राज योगा,प्रेम योग, जनाः योगा

दोस्तों अगर आप भी स्वामी विवेकानंद की लिखी इन बेहतरीन बुक्स को पढ़ना चाहते है तो निचे दिए लिंक पर क्लीक करके उसे खरीद सकते है।

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2. भक्ति योगा Bhaktiyog – (Hindi) = Buy Now

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मैं चाहूंगा की तीन बातें उनके लाइफ में से आपके साथ शेयर करूं, जिससे हम कुछ सिख कर हम खुद को कुछ आगे बढ़ा पाएं। 

Swami Vivekananda Life lesson – 1

पहली चीज जो मैंने उनके जिंदगी से सीखी वो है BE fearless स्वामी विवेकानन्द(Swami Vivekananda) जी बचपन से किसी बात को सुनकर नहीं मानते थे, वो उसको खुद देख कर खुद एक्सपीरियंस करके मानते थे। बचपन में वे अपने दोस्त के साथ उसके बगीचे में खेलने जाते थे, और हमेशा एक पेड़ पर चढ़ जाते थे। अब उन दोनों बच्चों को चोट नहीं लग जाए इसलिए बच्चे के दादा जी ने कहा इस पेड़ पर भूत रहता है, और पेड़ पर चढ़ने वालों की  गर्दन तोड़ देता है। उनका दोस्त यह बात सुनकर घबरा गया लेकिन विवेकानंद जी बिल्कुल नहीं घबराये। उन्होंने तय कर लिया कि वह इस बात को पूरी सच्चाई जानकर रहेंगे।

“दोस्तों अगर बचपन मैं या आप उनकी जगह रहते तो क्या करते चुपचाप कमल में मुंह रख कर सो जाते।” लेकिन उन्होंने तय किया की मै इस बात को जानकर रहूंगा की इसकी सचाई क्या है। इसलिए एक रात वह चुपचाप उस पड़ पर चड़ गए और पूरी रात इंतजार किया की कोई भूत आता या नहीं। जब पूरी रात कोई भूत नहीं आया तो उन्होंने अपने दोस्त को कहा की “यहाँ कोई भूत नहीं है” मैंने खुद देखा है।

दोस्तों, उनका मानना था कि डर ही इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन है जो उसे आगे बढ़ने से रोकता है। इसलिए उन्होंने कहा था…अगर पाप जैसी कोई चीज है तो यह कहना एक मात्रा पाप है की “मै कमजोर हूँ या कोई और कमजोर है”

दोस्तों हममे से कितने लोग हैं जिनके पास कई सारे आइडिया है, कितना कुछ करना चाहते हैं। अपनी लाइफ के प्रॉब्लम, अपने आस पास की प्रॉब्लम को सॉल्व करना चाहते है। लेकिन उनका डर रोक उन्हें रोक देता है, की अगर ये ना चला तो क्या होगा, क्या ये मुझे चाहिए, क्या मैं इसमें सक्सेसफुल हो पाउँगा, क्या मैं इसमें फेल हो जाऊंगा। दोस्तों ये Comfort Zone “छोटी सोच” हमें आगे बढ़ने नहीं देती। ये बात याद रखना अगर आपने अपने Comfort Zone को नहीं तोरा तो ये Comfort Zone आपको तोड़ती रहेगी,

Swami Vivekananda Life lesson – 2

उनकी जिंदगी में से दूसरी बात जो हमें बहुत कुछ सीखा सकती है वो है Believe in Yourself  “खुद पर विश्वास”

स्वामी विवेकानंद(Swami Vivekananda) का मानना था कि… “अगर किसी मकसद के लिए खड़े हो, तो पेड़ की तरह खड़े हो, गिरो तो बीज की तरह गिरो ताकि फिर से मिट्टी मे उगकर दोबारा अपने मकसद को जी पाओ”। अपने गुरु के दिए हुए ज्ञान को पूरी दुनिया में फैलाना है यह स्वामी विवेकानन्द(Swami Vivekananda) का मकसद था। और इसे पूरा करने में वह जीवन भर लगे रहे। उनका मकसद था की पूरी दुनिया में इंडिया के ज्ञान को फैलाना है। दोस्तों स्वामी विवेकानंद(Swami Vivekananda) को खुद पर हद से ज्यादा विश्वास था। और दोस्तों खुद पर विश्वाश करना बहुत बड़ी ताकत होती है। उन्होंने फैसला किया की 1883 में Chicago में होने वाले विश्व धर्म समेल्लन यानि की Parliament of the World’s Religions में वो हिस्सा लेंगे। Chicago पहुँचते ही स्वामी जी को एक बहुत बड़ी चुन्नौती आ गयी की Parliament of the World’s Religions 2 महीने आगे बढ़ चूका था।

अब स्वामी जी के पास इतने पैसे नहीं थे की वो Chicago में 2 महीने गुजार सकें। तो उन्होंने कई रातें सड़को पर गुजारी,कई बार भूखे पेट सोये। स्वामी जी की अलग ड्रेसिंग स्टाइल की वजह से लोग उनका मजाक बनाते,कई बार तो कुछ लोग उन्हें मारने तक दौरते। लेकिन फिर भी स्वामी जी कभी भी कमजोर नहीं पड़े, कभी भी घुटने नहीं टेके,वक़्त से कभी भी नहीं हारे, क्यों की उनका लछ्य बहुत बड़ा था, की देश को भारत को विश्व के मंच पर वो सम्मान दिलाना है जो वह Deserve करता है और हुआ भी यैसा ही भी विश्व धर्म सम्मेलनं के मंच पे उन्होंने ऐसा भाषण दिया, ऐसी स्पीच दी की सुनने वालों को हिंदुस्तान और हिंदुस्तान की महान संत पर फक्र होने लगा। पूरी दुनिया में वह स्पीच इतनी प्रसिद्ध हुई की आज नहीं लोग उस स्पीच को पढ़ते और सुनते है। इतनी महान स्पीच थी वह।

फ्रेंड्स, स्वामी विवेकानंद(Swami Vivekananda) ने सिद्ध कर दिया कि अगर खुद पे अटूट विश्वास हो ना तो दुनिया की बड़ी से बड़ी ताकत भी तुम्हें रोक नहीं सकती तुम्हारे मकसद को पाने से। आपके पास दिया है, आपके पास बाती है, आपके पास तेल भी है लेकिन फिर भी आप उस दिए को नहीं जला पाओगे। क्यों की उसे जलाने के लिए चाहिए चिंगारी। इसी तरह आपके पास Plans, Ideas है Resources है skills है लेकिन विश्वास की चिंगारी नहीं होगी तो Plans, Ideas ,Resources,Skills, सब कुछ बर्बाद है। इसलिए खुद पर भरोसा जरूरी है। अगर खुद पर भरोसा करोगे तभी खुदा(भगवान) भी तुम पर भरोसा करेगा।

Swami Vivekananda Life lesson – 3

3rd and last point बहुत Important Point इसमें से भी आपको Strong Idea मिलेगा… Be The Man of Your Words

स्वामी विवेकानंद(Swami Vivekananda) जी वो व्यक्ति थे, जिनकी कथनी और करनी में फर्क नहीं था। जिनके Words and Action में डिफरेंस नहीं था। एक बार एक “विदेशी लेडी” ने स्वामी जी बोला कि मैं आपसे शादी करना चाहती हूं। तो स्वामी विवेकानंद ने कहा की यह कैसे मुमकिन है, मैं तो एक सन्यासी हूं। उस लेडी ने कहा कि मैं चाहती हूं कि आपके जैसा मेरा एक बेटा हो और वो तभी पॉसिबल होगा जब मैं आपसे शादी करूंगी। विवेकानंद जी कहते हैं की इसमें क्या मुश्किल है, मैं तुम्हारा बेटा बन जाता हूं। उस विदेशी महिला का रिस्पेक्ट से सर स्वामी जी के लिए झुक गया। दोस्तों आपने वो कहावत सुनि है “जो अपनी बात को नहीं, वह अपने बाप का नहीं” सुनने में अटपटा लग सकता है, लेकिन बात एक दम सच है।

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कई बार आप Over Excited  हो के या फिर अचानक उदास होके Dipress होके कुछ ऐसे निर्णय ले लेते हैं जो बाद में हमें पता चलता है कि ऐसे डिसीजन नहीं लेने चाहिए थे, इसमें नुकसान है। इसलिए दोस्तों जब भी आप कुछ फैसला लेते हो, जब कोई बात अपने जुबान से निकलते हो, जब डिसीजन लेते हो तो सोचसमझ कर लो। लेकिन जब एक बार ले लिया उस पर रहने की आदत डालो उसके ऊपर खड़े रहो,अपनी बात पर रहो।

 “जितना हो सके तुम से काम उतनी ही खोलो जुबान” दोस्तों मेरा यह पोस्ट लिखने के पीछे यही मकसद है की जिस इंसान की लाइफ से लाखों-करोड़ों लोगो ने इतना कुछ सीखा है, जिनके ज्ञान की वजह से दुनिया में इतना चेंज आया है आप भी उनकी ज़िन्दगी से कुछ सिख पाएं। आप भी उनकी लाइफ में से कुछ अपनी जिंदगी में उतार लें। और अगर आप उतारेंगे तो आपकी ज़िन्दगी में भी कुछ ना कुछ चेंज आएगा ही आएगा। दोस्तों उनकी लाइफ कि यह 3 पॉइंट निडर होना, खुद पर विश्वास होना, और अपनी जुबान पर रहना इस बात पर कोई डिशएग्रीमेंट नहीं है की ये तीन चीजें जिंदगी में बहुत जरूरी है। और इन्हे हम अपने लाइफ में उतारनी चाहिए।

अगर हमारा यह पोस्ट “Life lesson from Swami Vivekananda  in Hindi” पसंद आया तोह इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिये क्यों की फ्रेंडस ज्ञान बाटने से ज्ञान बढ़ता है दूसरों को भी इस महान इंसान के बारे में जरूर बताना यह हमारे देश की शान के बारे में जरूर बताना, पोस्ट “Life lesson from Swami Vivekananda  in Hindi” कैसा लगा आप कमेंट कर जरूर बताईएगा।धन्यबाद॥

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