मेरी प्रीत ‘Meri Preet’ Hindi Poem

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मेरी प्रीत

तू जो आ जाए पनाहों में

समेट लूं तुम को अपनी बाहों में

छुपा कर रख लो तुझे अपनी निगाहों में

मैं जो हंसो तो तू भी मुस्कुराए

मेरे ही होने से तेरी जिंदगी खिलखिलाए

डर का अंधेरा ना गिरने पाए

भंवर का साया ना बढ़ने दे तू

मेरा अस्तित्व ना बिखरने दे तू

तेरे ही होने से मैं हूं,मेरे ही होने से तू है

प्यार का पैगाम निखरने दे तू

इस दुनिया कि छोड़ उस दुनिया तक

प्रीत की खुशबू महकने दे तू

Meri Preet Hindi Poem

Poem By Archana Snehi

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