भारत की सबसे बड़ी कांस्पीरेसी थ्योरी Mysterious Indian Conspiracy Theories in Hindi

Mysterious Indian Conspiracy Theories in Hindi

Mysterious Indian Conspiracy Theories in Hindi: इंसान के जीवन में कभी कभी ऐसा भी मोड़ आता है जहां उसे अपने जीवन में प्राप्त कुछ ज्ञान और नॉलेज पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो जाता है। जब उसे कुछ नए तथ्यों और फैक्स के बारे में पता चलता है जो उस इंसान के नॉलेज को बदल देने के लिए मजबूर कर देता है ऐसी ही नई जानकारियों को कांस्पीरेसी थ्योरी कहा जाता है। जिनका आधार सीमित फैक्ट्स या जानकारियां होती है हलाकि इन सीमित जानकारियों से बनाई गई इस नई अवधारणा को संपूर्ण और आधिकारिक सच नहीं माना जा सकता यह वह पॉसिबिलिटी होती हैं जो सच भी हो सकती हैं और नहीं भी। हमारी आज की पोस्ट को पढ़कर शायद आपकी भी अवधारणा कई चीजों के बारे में बदल सकती है क्योंकि आज हम अपने इस पोस्ट में ऐसे ही चौंका देने वाली कुछ कांस्पीरेसी थ्योरी के बारे में बताने वाले हैं जिन्हें जानकर आप दंग रह जाएंगे और आपके अभी तक के नॉलेज पर खुद ही शक होने लगेगा। तो चलिए दोस्तों बतलाते हैं आपको दुनिया के कुछ हैरान कर देने वाले कांस्पीरेसी थ्योरी के बारे में Mysterious Indian Conspiracy Theories in Hindi और जानते हैं इनसे जुड़े सच के बारे में…

तेजो महालय

Mysterious Indian Conspiracy Theories in Hindi

दुनिया के सात अजूबों में शुमार होने वाले ताजमहल के बारे में तो आप सभी ने सुना ही होगा इस भव्य स्मारक के निर्माण और कार्य के बारे में भी आप सभी जानते होंगे लेकिन एक कांस्पीरेसी कि माने तो ताज महल दरअसल एक हिंदू मंदिर है जिस का असली नाम तेजो महालय बताया जाता है। इस कांस्पीरेसी में कहा गया है कि तेजो महालय यानी ताजमहल का निर्माण शाहजहां के शासनकाल से लगभग 300 साल पहले हो चुका था। रिसर्च में ताजमहल के लकड़ी के दरवाजे के टुकड़े की कार्बन डेटिंग से पता चला है कि लकड़ी का वो दरवाजा शाहजहां के काल से 300 वर्ष पहले का है इसके अलावा एक इतिहासकार पुरुषोत्तम नागेश ओक ने अपनी किताब “ताजमहल मंदिर नहीं भवन है” में बताया है कि महल कोई उर्दू शब्द नहीं है बल्कि महल एक संस्कृत मूल का शब्द है। और यह भी गलत है कि मुमताज के कारण इस महल का नाम मुमताज महल पड़ा क्योंकि मुमताज का असली नाम ममता उल जमाली था। Mysterious Indian Conspiracy Theories in Hindi.

क़ुतुब मीनार का रहस्य

इस कांस्पीरेसी थ्योरी में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया है कि अगर ऐसा मान भी लिया जाए कि ताजमहल एक मकबरा है जिसे मुमताज के लिए बनवाया गया था तो मुमताज को दफन करने की प्रक्रिया भी बेहद भाव और शानो-शौकत के साथ हुई होगी। तो इतिहास में आखिरकार क्यों मुमताज को दफनाए जाने की प्रक्रिया के बारे में कोई भी उल्लेख नहीं मिलता. आखिर क्यों उस दिन का जिक्र कोई भी ऐतिहासिक डॉक्यूमेंट में नहीं किया गया है। इसके अलावा इस कांस्पीरेसी में विश्वास रखने वाले इतिहासकारों का भी यही कहना है कि जो शाहजहां मुमताज के जीते जी उसे अपनी बाकी रखैलों के साथ अपने जनानखाने में रखता था और उसके जीते जी उसके लिए एक भी विशेष महल का कच्छ नहीं बनवाया,तो वह मुमताज के मरणोपरांत इतनी भव्य स्मारक महज मुमताज को दफनाने के लिए क्यों बनवाएगा।

इस पूरे मुद्दे को गरमाने के बाद एक व्यक्ति ने आरटीआई(RTI) के माध्यम से सीधा भारत सरकार से इसका जवाब मांगा। लेकिन हैरानी की बात यह है कि CIC केंद्रीय सूचना आयोग (Central Information Commission) भी खुद इस बात का जवाब नहीं दे पाया कि ताजमहल एक मंदिर है या फिर एक मकबरा इसके चलते कई लोगों ने आगरा कोर्ट में पिटीशन फाइल करके इसका पूरा सच जानने की कोशिश की। आर्कियोलॉजी सर्वे ऑफ इंडिया यानी ASI ने आगरा कोर्ट में दिए अपने बयान में कहा कि ताजमहल एक मकबरा ही है। यह कोई शिव मंदिर नहीं है लेकिन इस कांस्पीरेसी की असली सच्चाई क्या है यह बात अभी भी स्पष्ट होना बाकी है।

सम्राट अशोक के 9 गुप्त लोग Nine Unknown Men of Ashoka

300 से 226 BC काल में चक्रवर्ती सम्राट अशोक का दबदबा था जिन्होंने सारे के सारे भारतीय उपमहाद्वीप पर अपना राज्य स्थापित किया था। सम्राट अशोक एक निपुण शासक थे लेकिन कलिंग युद्ध में जब उन्होंने घोर विनाश को देखा जिसमें लाखों सैनिक मारे गए और लगभग 15000 प्रजा घायल और लापता हो गई इस युद्ध ने सम्राट अशोक का हृदय परिवर्तन कर दिया और उन्होंने शपथ ली कि वह अब अहिंसा और धर्म का मार्ग अपनाएंगे। इसके बाद अशोक ने बौद्ध धर्म की शरण ली और बौद्ध धर्म को अपनी जिंदगी में पूरी तरह से अपनाने के बाद बौद्ध धर्म के प्रचार में एक विशेष भूमिका निभाई। और यहीं से उदय हुआ एक ऐसी मिस्टीरियस कॉन्सपिरेसी का जिसे इतिहास का सबसे बड़ी कांस्पीरेसी माना जाता है.. द 9 अननोन मैन ऑफ अशोक(9 Unknown Men of Ashoka)

भानगढ़: एक राजकुमारी की खूबसूरती ने कर दिया इसे तबाह

दोस्तों ऐसा माना जाता है कि सम्राट अशोक ने एक सीक्रेट सोसाइटी का गठन किया था जिसका मकसद उस काल तक अलग-अलग क्षेत्रों में अर्जित की गई विशेष और गोपनीय इंफॉर्मेशन(ज्ञान) और नॉलेज को संरक्षित करना और उनका विस्तार करना था। ऐसा माना जाता है कि इस कार्य के लिए सम्राट अशोक ने उस समय के सबसे बुद्धिमान और तेज दिमाग वाले लोगों के चयन किया। इसके बाद 9 लोगों को चुना गया और इन 9 लोगों को 9 अलग-अलग किताबें दी गई जिसमें 9 अलग-अलग विषयों की संपूर्ण जानकारियां मौजूद थी।

इन किताबों में मौजूद जानकारी बेहद रहस्यमई और खुफिया थी। तथा इन 9 लोगों को इन किताबों को संरक्षित करने और इन विषयों  पर ज्यादा रिसर्च करके इन किताबों को और ज्ञानवर्धक बनाने की जिम्मेदारी दी गई। उन को यह निर्देश दिए गए थे कि यह लोग अपने पहचान को सदा गुप्त रखेंगे और अपना अंतिम समय आने पर इन किताबों को अपने किसी विश्वासपात्र इंसान के हाथ में सौंप देंगे। और ऐसा माना जाता है कि वह 9 किताबें आज भी इस दुनिया में मौजूद हैं। यह एक ऐसी कांस्पीरेसी थ्योरी है Mysterious Indian Conspiracy Theories in Hindi जिसके सच या झूठ का पता लगाना बहुत ही मुश्किल है क्योंकि यह उस काल से जुड़ी है जब का कोई आधिकारिक सबूत अब मौजूद ही नहीं है। लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि सम्राट अशोक के 9 अज्ञात लोग महज एक कल्पना मात्र है। वही बहुत से इतिहासकार इसे सच मानते हैं लेकिन असली सच क्या है यह हम आप पर छोड़ते हैं आपका क्या सोचना है इस बारे में…

मदर टेरेसा

मदर टेरेसा के बारे में तो आप सभी जानते ही होंगे लेकिन मदर टेरेसा से जुड़ी हुई इस कांस्पीरेसी थ्योरी के बारे में शायद आप में से बहुत से लोग नहीं जानते होंगे। मदर टेरेसा एक रोमन कैथोलिक धार्मिक सिस्टर और एक धर्म प्रचारक थी। उनका असली नाम इग्निस गुंजा था। मदर टेरेसा ने अपना अधिकांश जीवन समाज सेवा और धर्म प्रचारक के कार्यों में लगा दिया था लेकिन इसके अलावा मदर टेरेसा के मरणोपरांत कुछ ऐसे डाक्यूमेंट्स मिले जिनके मिलने के बाद मदर टेरेसा के जीवन से जुड़ी कुछ ऐसी बातों का खुलासा हुआ है जो वाकई बेहद विवादास्पद और उनके जीवन के एक दूसरे ही पहलू को उजागर करने वाला था। मदर टेरेसा द्वारा लिखे गए 1 लेटर में उन्होंने लिखा है कि शायद भगवान या भगवान नहीं है जिसे वह भगवान समझ रही है और अब उन्हें भगवान के होने पर शक है।

इस लेटर के बाकी के अंस को पढ़कर यह लगता है कि मदर टेरेसा 50 साल पहले ही भगवान पर से अपना विश्वास खो चुकी थी। इस कांस्पीरेसी थ्योरी पर यकीन करने वालों और इस कांस्पीरेसी को जन्म देने वालों का कहना है की मदर टेरेसा के संस्था के पास प्रचुर मात्रा में दान किया हुआ पैसा आता था तथा उनका ट्रस्ट भारत के कुछ अमीर ट्रस्ट में से एक था। लेकिन फिर भी उनकी संस्था ने कभी भी भारत में आई किसी प्राकृतिक आपदा से पीड़ित लोगों को कभी कोई सहायता नहीं पहुंचाई मदर टेरेसा द्वारा बीमारों का इलाज करने के लिए खोले गए हॉस्पिटल्स के डॉक्टर का भी कहना है कि वह हॉस्पिटल बेहद खस्ता हालत में है मिशन कैंप को करोड़ों रुपया दान में मिले थे लेकिन फिर भी इन हॉस्पिटल्स में दैनिक जरूरतों की चीजें भी मुहैया नहीं कराई जाती थी। यहां पर साफ सफाई पीने का साफ पानी और खाने का कोई भी बंदोबस्त नहीं था।

इस कांस्पीरेसी थ्योरी में विश्वास रखने वाले लोगों का मानना है कि ऐसे कई डाक्यूमेंट्स हैं जैसे पता चलता है कि मदर टेरेसा कि संस्था को मिलने वाले डोनेशन को सीक्रेट अकाउंट में रखा जाता था। फ्रीडम ऑफ इन्फॉर्मेशन एक्ट के तहत जब NSA (NATIONAL SECURITY AGENCY) से मदर टेरेसा के बारे में पूरी जानकारी मांगी गई तो NSA मैं पूरी जानकारी देने से इंकार करते हुए कहा की मदर टेरेसा से जुड़ी हुई कुछ इंफॉर्मेशन टॉप सीक्रेट है इसलिए यह इंफॉर्मेशन नहीं दी जा सकती। आखिर एक महिला जिसने अपना पूरा जीवन भलाई के कार्य में लगाया हो उसके जीवन में ऐसा क्या हो सकता है जो नेशनल सिक्योरिटी के लिए टॉप सीक्रेट हो।

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दोस्तों आपको हमारा यह पोस्ट Mysterious Indian Conspiracy Theories in Hindi कैसा लगा हमें कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं धन्यवाद

 

 

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