भानगढ़: एक राजकुमारी की खूबसूरती ने कर दिया इसे तबाह Mystery Of Bhangarh in Hindi

Mystery Of Bhangarh in Hindi

Mystery Of Bhangarh in Hindi:आपमें से कई लोगों ने भूतों की कई कहानियां सुनी होगी। कुछ सच्ची और कुछ झूठी। आज हम आपको अपने इस पोस्ट में एशिया के सबसे बड़े और रहस्यमई भूतिया जगह के बारे में बताने जा रहे हैं। जो कि भारत के राजस्थान में स्थित है। जी हां दोस्तों आज हम आपको बताने वाले हैं भानगढ़ का रहस्य के बारे में। Mystery Of Bhangarh in Hindi

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भानगढ़ का किला बहुत ही ज्यादा रहस्यमई है। यहां तक की “भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग” ने लोगों को यहां सूर्यास्त के बाद आने के लिए मना किया है। कई न्यूज़ चैनल और वैज्ञानिकों ने भानगढ़ के रहस्य को सुलझाने की कोशिश की। कि आखिर क्यों यह किला दुनिया का सबसे रहस्यमई और भूतिया किला कहा जाता है। लेकिन आज भी अपने रहस्यों को समेटे हुए भानगढ़ का यह किला शान से खड़ा है। दोस्तों भानगढ़ किले के भूतिया रहस्य को जानने से पहले आपको भानगढ़ की पूरी कहानी को जाना पड़ेगा।

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भानगढ़ का इतिहास

दोस्तों भानगढ़ का इतिहास कहता है कि भानगढ़ का यह किला भगवान दास ने अपने बेटे माधव दास के लिए बनाया था। माधव दास की पुत्री यानी की राजकुमारी रत्नावती बहुत ही ज्यादा सुंदर थी। राजकुमारी की खूबसूरती की चर्चा दूर-दूर तक फैली हुई थी। वही भानगढ़ किले के पास ही सिंधिया नामक एक तांत्रिक रहता था। जोकि काला जादू करने में माहिर था। एक दिन राजकुमारी रत्नावती अपनी दासियों के साथ वहां के राज्य के जोहरी बाजार में इत्र लाने के लिए गयी। वही सिंधिया तांत्रिक की नजर राजकुमारी रत्नावती पर पड़ गई। वह तांत्रिक राजकुमारी को देखते ही उसकी खूबसूरती पर मोहित हो गया। और वो हर हाल में राजकुमारी को पाना चाहता था । तब उस तांत्रिक ने राजकुमारी को पाने के लिए एक चाल चली। जो इत्र राजकुमारी को पसंद आया था, उस तांत्रिक ने उस इत्र की बोतल में काला जादू कर दिया। लेकिन किसी नगरवासि को इस बात की भनक लग गई। और उसने राजकुमारी को यह बात जाकर बता दिया। Mystery Of Bhangarh in Hindi

यह जानने के बाद राजकुमारी रत्नावती में उस इत्र की शीशी को महल के बाहर फेंक दिया। वह इत्र की शीशी एक चट्टान पर जा गिरी। जिस कारण उस धूर्त तांत्रिक की चाल उल्टी पड़ गई। और काला जादू के कारण वह चट्टान उस तांत्रिक की ओर आकर्षित होने लगा, और वह चट्टान जाकर तांत्रिक के सीने पर आ गिरा। तब मरते-मरते उस तांत्रिक ने भानगढ़ किले को श्राप दे डाला, कि भानगढ़ अब कभी सुखी नहीं रह पाएगा। और उस के सभी निवासी मारे जाएंगे। लोगों का यह भी मानना है कि, उसके कुछ दिन बाद ही भानगढ़ के सभी निवासी और राजकुमारी भी मारी गई। कई लोगों का यह भी मानना है कि आज भी वह तांत्रिक महल में राजकुमारी को पाने की कोशिश करता है। आज भी इस भानगढ़ के किले में रात को राजकुमारी रत्नावती के पैरो की पायल की आवाज़ लोगों को सुनाई पड़ती है। और महल के कई कमरों में लोगों को ऐसा महसूस होता है जैसे कि कोई उनका गला दबा रहा हो।

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इस प्रकार के कई रोचक और दिलचस्प कहानियों के कारण ही भानगढ़ का किला पर्यटकों के बीच प्रसिद्ध है। लेकिन इन कहानियों पर वैज्ञानिकों का नजरिया कुछ और ही कहता है। वैज्ञानिकों के जांच के दौरान यह पाया गया कि भानगढ़ के किले में नेगेटिव एनर्जी है। और सबसे ज्यादा नेगेटिव एनर्जी राजकुमारी रत्नावती के कमरे में पाई गई। पर उन्हें इस बात का कोई भी ठोस सबूत नहीं मिल पाया, कि वहां कोई भूत-प्रेत का साया है। वैज्ञानिकों का यह मानना है कि, राजकुमारी रत्नावती के कमरे के नीचे पानी के तेज प्रभाव के कारण उस कमरे में किसी प्रकार की एनर्जी है। Mystery Of Bhangarh in Hindi

इतिहासकारों की माने तो, तांत्रिक के मरने के कुछ ही समय बाद भानगढ़ और अजबगढ़ के बीच युद्ध छिड़ गया था। और जिसके कारण भानगढ़ के अत्यधिक निवासी मारे गए। और भानगढ़ का यह किला ढह गया। और इन्हीं महलों के ध्वस्त हो जाने के कारण वहां कोई भी वायु संचालन ना रहा है। जिस वजह से लोगों को वहां जाने पर यह प्रतीत होता है कि, मानो वहां कोई उनका गला दबा रहा हो।

दोस्तों आपको भानगढ़ के इस किले के बारे में क्या लगता है? क्या सचमुच में भानगढ़ का यह किला भूतिया है? या नहीं। आप आप हमें कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं। धन्यवाद॥

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