वीरों का सफर Patriotic Poems in Hindi

1
1633

patriotic poems in hindi

वीरों का सफर

वीर तुम बढ़ते जाना

रुकना तेरा काम नहीं

थम जाना तेरा धर्म नहीं

चाहे राहों में बिछे हो अंगारे

या ऊंचे पर्वतों का डेरा हो

चाहे मरुभूमि का विराना हो

या बर्फो का बसेरा हो

मातृभूमि की रक्षा को

चीर कर विपदाओं का सीना

बढ़ते जाना  रुकना नहीं

चाहे राहों में कट जाए शीश

या हो जाए खून की होली

एक एक दुश्मनों पर तुम

भारी पड़ जाओ ऐसे

एक हो जाओ दस के जैसे

डर कर भाग पड़े गद्दार

देख तेरा हौसला बुलंद अपार

तन में सांस आखरी हो फिर  भी

शीश वही नतमस्तक हो तेरा

जहां ऊंचाइयो में लहराए तिरंगा प्यारा

यह सफर जो रूक भी जाए तेरा,

दूजा फर शुरू हो जाएगा

जब तिरंगो में लिपटी तेरी

जीवन यात्रा नए सफर पर जाएगा

कभी न सोचना रूक गए हो तुम

शहीदों के संग जुड़ गए हो तुम

वीर तुम बढ़ते जाना

रुकना तेरा काम नहीं।

Poem By Archana Snehi

 

Also Read:- ज्ञान की ज्योती

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here