शिवपुराण में भगवन शिव ने बताएं है मृत्यु के 11 संकेत

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Shiv Puran 11 Sign of Death in hindi:

धर्म ग्रंथों में भगवान शिव को महाकाल कहां गया है। महाकाल का अर्थ होता है ‘काल’ यानी मृत्यु भी जिसके अधीन हो। भगवान शिव जन्म मृत्यु से मुक्त हैं। भगवान शिवशंकर से संबंधित अनेक धर्म ग्रंथ प्रचलित है। भगवान शंकर को अनेक धर्म ग्रंथों में अजन्मा और अनादि भी बताया गया है। लेकिन शिवपुराण (Shiv Puran) को उन सभी धर्म ग्रंथों में सबसे अधिक प्रमाणिक माना जाता है।

शिवपुराण में भगवान शिव से संबंधित अनेक रहस्यमई बातों को बताया गया है। इसके अलावा इस धर्म ग्रंथ में ऐसे अनेक बातें भी लिखी गई है। जो एक साधारण मनुष्य की सोच से भी परे है। उसे आम आदमी नहीं समझ सकता। शिवपुराण में भगवान शिव ने माता पार्वती को मृत्यु के संबंध में कुछ विशेष प्रकार के संकेत बताएं हैं। शिवपुराण में बताए इन संकेतों को समझ कर कोई भी जान सकता है कि किस व्यक्ति की मृत्यु कितने समय में हो सकती है। यह संकेत कुछ इस प्रकार हैं….

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1. शिवपुराण में भगवान शिव ने माता पार्वती को यह बताया है कि जिस मनुष्य के सिर पर कौवा,गिद्ध अथवा कबूतर आकर बैठ जाए। तो उस मनुष्य की मृत्यु 1 महीने के भीतर ही हो जाती है। ऐसा शिव पुराण में बताया गया है।

2. शिवपुराण (Shiv Puran) में लिखे गए मृत्यु के संकेतों के अनुसार जिस भी व्यक्ति को अचानक नीली मक्खियां आकर घेर ले, तो उस मनुष्य की आयु एक महीना ही शेष है ऐसा समझना चाहिए।

3. शिवपुराण धर्म ग्रंथ के अनुसार जिस भी मनुष्य को ग्रहों के दर्शन होने पर भी उसे दिशाओं का ज्ञान ना हो। और उसके मन में हमेशा बेचैनी छाए रहे, तो उस मनुष्य की मृत्यु 6 महीने में हो जाती है।

4. शिवपुराण के अनुसार जिस भी व्यक्ति को चंद्रमा और सूर्य के आसपास का चमकीला घेरा काला या लाल दिखाई देने लगे, तो उस व्यक्ति की मृत्यु 15 दिनों के अंदर हो जाती है। तथा जिस व्यक्ति को तारा व चंद्रमा दिखाई ना दे। अन्यथा जिसे अन्य तारे भी ठीक से दिखाई ना दे, ऐसे व्यक्ति की मौत 1 महीने के भीतर हो जाती है।

5. जब भी किसी मनुष्य को अपनी परछाई जल, तेल, घी तथा दर्पण में दिखाई ना दे। तो ऐसा समझना चाहिए कि उस व्यक्ति की आयु 6 महीने से ज्यादा नहीं है। तथा जब कोई व्यक्ति अपने छाया को अपने से रहित पाए, और जब कोई अपनी छाया को सिर से रहित देखें, तो ऐसा मनुष्य 1 महीने भी जीवित नहीं रह पाता। उसकी मृत्यु एक महीने के भीतर हो जाती है ऐसा शिवपुराण मैं वर्णित है।

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6. शिवपुराण (Shiv Puran) के अनुसार जिस व्यक्ति को त्रिदोष हो जाता है अर्थात जिसे बात, पित्त, कफ मैं जिसकी नाक बहने लगती है, उसकी आयु 15 दिन से ज्यादा की नहीं होती। यदि किसी व्यक्ति के मुंह अचानक बार-बार सूखने लगे, तो यह समझ लेना चाहिए कि उस व्यक्ति की आयु 6 महीने के भीतर समाप्त हो जाएगी।

7. शिवपुराण के अनुसार जब किसी व्यक्ति का शरीर अचानक से सफेद या पीला पड़ जाए और लाल निशान दिखाई दे, तो समझ लेना चाहिए कि उस मनुष्य की मृत्यु 6 महीने के अंदर हो जाएगी। जिस व्यक्ति का कान, आंख और जीभ ठीक से काम ना करें, तो शिवपुराण में वर्णित मृत्यु के संकेत के अनुसार उसकी मृत्यु 6 महीने के भीतर हो जाती है।

8. दोस्तों शिवपुराण के अनुसार जो भी व्यक्ति अचानक सूर्य और चंद्रमा को राहु से ग्रस्त देखता है। अर्थात उस व्यक्ति को चंद्रमा और सूर्य काले दिखाई देने लगते हैं। और संपूर्ण दिशाएं जिसे घूमती हुई दिखती है। उसकी मृत्यु 6 महीने के भीतर हो जाती है।

9. जिस व्यक्ति को अग्नि का प्रकाश ठीक से दिखाई ना दे, और अग्नि के चारों ओर काला अंधकार दिखाई दे। तो समझ लेना चाहिए कि उस व्यक्ति का जीवन 6 महीने के भीतर समाप्त हो जाएगा।

10. जब भी किसी व्यक्ति का बाया हाथ 1 सप्ताह तक लगातार फड़कता ही रहे। तब उसका जीवन एक महीना ही शेष रहता है, ऐसा हम सब को जान लेना चाहिए। जब किसी मनुष्य को उसके सारे अंगो में अंगड़ाई आने लगे, और तालु सूख जाए। तब वह मनुष्य एक महीने तक ही जीवित रह पाता है फिर उसकी मृत्यु हो जाती है।

11.शिवपुराण(Shiv Puran) के अनुसार जिस व्यक्ति को आकाश में सप्त ऋषि तारे ना दिखाई दे। उस मनुष्य की आयु 6 महीने ही शेष है ऐसा समझना चाहिए।

 

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  1. धन्यवाद।। जय जय हो।।। जयश्रीमहाॅकाल।।। जयश्रीराधेकृष्ण

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