शब्दों का असर Effect of Words | Short Motivational Story in Hindi

Short Motivational Story in Hindi: हमारे द्वारा बोले गए शब्द ऐसे बीज हैं जो सामने वाले के मन की मिट्टी में जाकर उगते जरूर है। कुछ ऐसा ही हुआ इन कहानियों के किरदारों के साथ। 

Short Motivational Story 1

एक सहेली ने दूसरी सहेली से पूछा कल शादी के बाद तेरा पहला जन्मदिन था ना, तो क्या दिया तेरे पति ने तेरे जन्मदिन का गिफ्ट, इस पर उस सहेली ने बड़े ही मुस्कुराकर और खुश होते हुए उत्तर दिया कल बहुत प्यारे प्यारे गिफ्ट दिए मेरे हस्बैंड न।  ओ पहले मेरे लिए फूल लेकर आए और उन्होंने बहुत ही सुंदर केक का आर्डर दिया था।  हमने साथ बैठकर कैंडल लाइट डिनर भी किया और सब डिनर मेरे हस्बैंड ने ही बनाया था।

सफलता की कुंजी (प्रेरणादायक कहानी)

इस पर उस सहेली ने रिप्लाई किया कि क्या यार यह सब तो शादी के इतने सालों बाद आज भी मेरा हस्बैंड मेरे लिए करता है। इसमें नई बात क्या है, क्या कोई गोल्ड कि या डायमंड की ज्वेलरी नहीं दी तुम्हारे पति ने तुम्हें। तो दूसरी ने बड़ी मासूमियत से उत्तर दिया नहीं यार ज्वेलरी तो कोई नहीं दी मेरे हस्बैंड ने। तो पहली सहेली बोली अरे यह भी कोई बात है भला, उनकी नजर में तुम्हारी कीमत यह फूल, केक और डिनर तक ही है। इतनी ही वैल्यू है तुम्हारे पति की नजरों में तुम्हारी बस। लफ्जों का यह जहरीला बीज बो दिया गया एक मासूम सी जमीन पर….

जैसे ही उसका पति घर लौटता है तो पत्नी का मुंह लटका हुआ देखता है। पति के पूछने पर पत्नी कारण बताती है, की तुम्हारे नजरों में अगर कोई हमारी कीमत होती तो मेरे बर्थडे पर तुम कोई गोल्ड या डायमंड की ज्वेलरी देते मुझे। पति उसे बहुत समझाता है पर पत्नी एक नहीं सुनती बहुत झगड़ा होता है दोनों के बीच, पत्नी उस रात घर छोड़कर चली जाती है।

जानते हैं प्रॉब्लम की शुरुआत कहां से हुई उस फिजूल जुमले से जो उसका हालचाल जानने आयी उसकी सहेली ने कहा था।

Short Motivational Story 2

ऐसे ही एक साहब ने एक शख्स से कहा जो अपने बेटे से अलग रहता था। तुम्हारा बेटा तुमसे बहुत कम मिलने आता है क्या उसे तुमसे मोहब्बत नहीं रही। इस पर पिता ने सफाई दी, नहीं नहीं ऐसा बिल्कुल नहीं है…मेरा बेटा थोड़ा ज्यादा बिजी रहता है और उसके काम का शेड्यूल बहुत टाइट है, और उसकी बीवी बच्चे भी हैं उन्हें भी वक्त देना होता है, इसलिए उसे वक्त बहुत ही कम मिलता है।

फिर आदमी बोलता है वाह यह भी कोई बात हुई भला, तुमने उसे पाल पोस कर बड़ा किया, उसे इस लायक बनाया। पर आज तुम्हारे लिए उसके पास वक्त नहीं है, यह तो सिर्फ एक बहाना है। इधर उधर की बात करके वह आदमी तो चला जाता है पर एक शंका का बीज उस पिता के दिल मे बो जाता है।

जो पिता हमेशा अपने बेटे की स्थिति को समझता था उसे अब हमेशा लगता कि उसकी कोई वैल्यू नहीं है उसके बेटे की नजर में। अब जब भी उसका बेटा उससे मिलने आता तो पिता के दिमाग में यही चलता रहता कि मेरे बेटे के पास मेरे लिए वक्त नहीं है। बाकी सब के लिए वक्त है…. और यहीं से पड़ गई बेटे और पिता के संबंधों में खटास।

Short Motivational Story 3

इसी तरह एक दोस्त ने दूसरे दोस्त से पूछा तुम कहां काम करते हो? उत्तर मिला फला फला दुकान पर। दोस्त ने फिर प्रश्न किया कितनी तनख्वाह मिलती है वहां? 18000 उत्तर मिला। क्या सिर्फ ₹18000 रुपए, हे भगवान कैसे चलता है तुम्हारा गुजारा। अब तक तो उसके दोस्त का गुजारा बड़े मजे से चल रहा था, पर दोस्त की बात सुनते ही उसे लगने लगा कि बाकी ही कैसे जिंदगी बिता रहा हूं मैं।

इस व्यक्ति को उसके बाद अब अपने कामों में मन ही नहीं लगा। मालिक से तनख्वाह बढ़ाने की डिमांड की तो मालिक ने मना कर दिया तो इस व्यक्ति ने जॉब ही छोड़ दी और अब वह बेरोजगार है। एक काम था उसके पास जिससे वह बहुत संतुष्ट था पर, अब वह भी नहीं रहा।

दोस्तों कई बार हम हाल-चाल पूछते पूछते कुछ ऐसा प्रश्न पूछ बैठते हैं जिनका कोई मतलब नहीं होता पर जिन प्रश्नों को हम कभी-कभी नादानी में या जानबूझकर पूछ लेते हैं उनका दूसरे के मन पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। कभी कभी तो किसी की जिंदगी तक तबाह हो सकती है।

कबीर दास जी ने कितना सुंदर कहा है

शब्द सम्हारे बोलिए,
शब्द के हाथ ना पाव|
एक शब्द औषधि करें
एक शब्द करे घाव ||

एक चिड़िया ने गुस्से में समुंद्र को सूखा दिया

आशा करते है आपको हमारी यह कहानी पसंद आयी होगी। कहानी पसंद आयी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना मत भूलें।

फ्रेंड्स अगर आप टेक्नोलॉजी और ऑनलाइन एअर्निंग से जुड़े जानकारी भरे पोस्ट पढ़ना चाहते है तो आप हमारे नए ब्लॉग TechJon.com पर विजिट जरूर करे। धन्यवाद

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here