सदियों पुराने मानव अवशेष जो आज भी सुरक्षित हैं Thousand years Old Human Remains Hindi

सदियों पुराने मानव अवशेष जो आज भी सुरक्षित हैं Thousand years Old Human Remains Hindi

Thousand years Old Human Remains Hindi: कहते हैं इंसान अपना इतिहास खुद लिखता है। अपने युग में वह जो भी करता है उसकी परंपरा बनती है। और उसके कई साल बाद यही परंपरा इतिहास बन जाती है। तभी तो बीते कई सदियों में, यहां तक कि ईसा पूर्व तक का इतिहास को समझने के लिए हमें उस दौर के निर्माण और उनके द्वारा छोड़े गए अवशेषों को आधार बनाकर उस युग की परंपरा दिनचर्या अच्छाई व बुराई की कल्पना करते हैं। जी हां दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम बात करेंगे दुनियाभर में मौजूद ऐसे ही इंसानियत अवशेषों के बारे में…. जिनकी अवधि और उम्र अविश्वसनीय है। वही हैरान करने वाले यह अवशेष इस बात के संकेत हैं कि मानव जाति कितना लंबा सफर तय कर चुकी है।

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1. अलबर्ट आइंस्टीन का दिमाग USA

मानव इतिहास का सबसे बुद्धिमान इंसान कहे जाने वाले ‘अल्बर्ट आइंस्टीन’ की मौत के फौरन बाद डॉक्टर थॉमस हार्वे ने शोध और प्रशिक्षण के चलते उनके शरीर से उनके दिमाग को अवशेष के रूप में अलग कर लिया था। हलाकि आइंस्टीन के बेटे हैंड्स ने इसका विरोध किया था, लेकिन बाद में अध्ययन के लिए उन्होंने इसकी अनुमति दे दी। जिसे 240 भागों में बांट कर अमेरिका के मशहूर न्यूरोलॉजिस्ट और चिकित्सकों से परीक्षण करवाया गया। जिसका कोई नतीजा नहीं निकला। हालांकि 80 और 90 के दशक में हुए कुछ शोध में साधारण दिमाग की तुलना में आइंस्टीन के दिमाग में गलयिल नामक सेल्स की मात्रा ज्यादा पाई गई। Thousand years Old Human Remains Hindi
वही साल 2000 में की गई कुछ परीक्षणों में भी इनके दिमाग का एक साधारण दिमाग से अलग होना पाया गया। लेकिन यह सभी शोध ठोस तर्क नहीं देने के चलते नकार दिया गया। जिसे बाद में प्रिंसटोन यूनिवर्सिटी के चिकित्सा विभाग को सौंप दिया गया। वहीं इसके कुछ अवशेष फिलाडेल्फिया के मैटर्न म्यूजियम में प्रदर्शनी के तौर पर रखें गए हैं।
न जाने आइंस्टीन के दिमाग में ऐसी कौन सी बात थी, जिसने उन्हें मानव इतिहास का सबसे बुद्धिमान व्यक्ति बना दिया।

2. कॉपर बेलटेन (जर्मनी) korperwelten Germany

कॉपर बेल्डर्न जिसे वर्ल्ड प्रदर्शनी भी कहा जाता है, जर्मनी के शहर ब्रेंडन वर्ग में स्थित है। जिसकी शुरुआत गंडारवें हइगेन्स ने एक खास तरह की प्रक्रिया प्लास्टिनेशन के द्वारा की। इस प्रक्रिया में मानव की त्वचा यानी खाल और शरीर में मौजूद नमी को पूरी तरह से निकाल दिया जाता है। जिससे शरीर के भीतर मौजूद मांसपेशियों और उनकी बनावट का गहन अध्ययन किया जा सके। चिकित्सा क्षेत्र में क्रांति लाने वाली यह क्रिया (प्रोसेस) और इस से बनाया गए मानव अवशेष आज आम जनता के लिए भी प्रदर्शित किए जाते हैं
अनेकों मुद्रा में खड़े यह अवशेष दिखने में अद्भुत और हमारी तरह भीतरी शरीर का आईना है। जिन्हें देखकर कोई भी अपने शरीर की अंदरूनी बनावट को समझ सकता है। Thousand years Old Human Remains Hindi

3. टॉलुंड मैन डेनमार्क Tullund Man Denmark

सन 1950 में खोजा गया ऐसा ही एक मानव अवशेष है टॉलुंड मैन का सव। डेनमार्क के मशहूर म्यूजियम सिल्क बोर में रखा गया यह अद्भुत सव गले में बंधी एक रस्सी के साथ दलदल में पाया गया था। वही इसके शरीर का पूरी तरह से अध्ययन करने के बाद जो बातें सामने आए वह हैरान करने वाली थी। यह सव जिसका भीतरी कुछ हिस्सा अब भी सड़ने से बच गया था। वह 2300 साल पुराना था। जिसकी उम्र मरते वक्त 30 साल की रही होगी। हैरान करने वाली दूसरे युग के इस सव से बहुत उम्मीदें लगाने वाले शोधकर्ताओं ने सन 1976 में इस पर फिर से अध्ययन शुरू किया। जिसके चलते इसके शरीर को कई भागों में बांटा गया। वहीं इसके खोपड़ी के हिस्से पर विशेष ध्यान देते हुए इसे अलग कर लिया गया। और इस प्राचीन काल की अवशेष को संभवता असली शक्ल देते हुए सिल्क बोर म्यूजियम में रखा गया। Thousand years Old Human Remains Hindi
हैरानी की बात है की 2300 साल बीत जाने पर भी यह सव यूं ही बना हुआ है।

4. व्लादिमीर लेनिन (रूस) Vladimir Lenin Russia

सोवियत रूस के सबसे पहले प्रसिद्ध और भावी नेता व्लादिमीर लेनिन(Vladimir Lenin) जिन्होंने रूस को साम्यवाद यानी कम्युनिज्म से परिचित करवाया और उसे सफल बनाया उनकी आखिरी इच्छा और मौत के बाद उमड़ी भीड़ के चलते उनके मृत शरीर को ज्यों का त्यों सन 1924 में मास्को स्थित फ्रैंक्लीन के रेड स्क्वायर चौराहे पर शीशे के एक भव्य ताबूत में रखा गया है। ताकि उनके विचारों को मानने बाली आम जनता सदा के लिए उन्हें देखते रहे।
लगभग 90 सालों से रखे इस व्लादिमीर लेनिन के सव को 200 से ज्यादा साइंटिस्ट हर पल इसके संरक्षण और इसे ताजा बनाए रखने के लिए नए-नए प्रयास करते रहते हैं। जिस से लेलिन के पार्थिव शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंच सके। और यही साइंटिस्ट लेलिन और उनके जैसे कई रूसी नेताओं के भीतरी अंगों का अध्ययन करके उनके विचारों और व्यक्तित्व को समझने की कोशिश करते हैं। जिसे ‘रशियन स्टेट सीक्रेट एक्ट’ के तहत गुप्त रखा जाता है। Thousand years Old Human Remains Hindi
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