कौन थे ठग्स ऑफ हिंदुस्तान Thugs of Hindostan History in Hindi

Thugs of Hindostan History in Hindi

Thugs of Hindostan History in Hindi: दोस्तों ठग शब्द सुनकर हमारे दिमाग में चोर, लुटेरे, डकैत और खून करने वाले लोग के जैसी छवियां उबर कर हमारी नजरों के सामने आ जाती है। लेकिन दोस्तों सच कुछ और है जिसे जान कर आप सब हैरान हो जाएंगे। आईये आज के पोस्ट “Thugs of Hindostan History in Hindi” के माध्यम से हम जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर ठग्स ऑफ हिंदुस्तान कौन थे? Who Is Thugs of Hindostan क्यों इनको लूटेरा, डकैत, खून करने वाला इत्यादि कहा जाता है?

Thugs of Hindostan History

भारत में एक आदिवासी जनजाति जंगलों में रहती थी, और काली मां की पूजा करती थी। इस जनजाति का नाम था “ठग”(Thugs of Hindostan)। यह कोई चोर, लुटेरे, डाकू या डकैत नहीं थे। क्या आप जानते हैं कि जब अंग्रेजों ने भारत पर अपना अधिकार धीरे-धीरे जमाना शुरू किया तो यह ठग ही थे, जिन्होंने अपनी पूरी ताकत से अंग्रेजों का विरोध किया था। क्योंकि अंग्रेज अपना साम्राज्यवाद बढ़ाने के लिए जंगलों को खत्म कर रहे थे। जिनमे यह ठग जनजाति कई पीढ़ियों से रह रही थी।

ठग्स ऑफ हिंदुस्तान से जुड़े कुछ अननोन फैक्ट्स

और यह बात आप जानते ही हैं कि अगर कोई किसी के घर को खत्म करने की कोशिश करता है तो प्रतिरोध उत्पन्न होना सामान्य सी बात है। अंग्रेज ठगों(Thugs of Hindostan) की जमीन पर कब्जा करना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने एक चाल चली। उन्होंने उनकी छवि यानि की ठग्स की छवि खराब करने के लिए एक ऐसी किताब प्रकाशित कि जिसमें इन सबको लूटेरा, डकैत और हत्यारा बताया गया है। यानी अंग्रेजों ने साहित्य के द्वारा यानी कि किताबों के माध्यम से ठगों(Thugs of Hindostan) की बुरी छवि दुनिया को बताने की कोशिश की थी। इस तरह की साहित्य को एट्रोसिटी लिटरेचर Atrocity Literature कहा जाता है।

इन्ही किताबों में से एक किताब का नाम ‘कन्फेशन ऑफ ठग’ है। जिसे 1839 में ‘फिलिप मेडोज’ ट्रेलर ने लिखा था। जिसमें ठग्स(Thugs of Hindostan) को कुख्यात लुटेरा, हत्यारा और डकैत बताया गया था। आज तक ठग जाति को ऐतिहासिक संदर्भ से जुड़कर कर देखा जाता है।

इतना ही नहीं ब्रिटिश संसद ने 1871 में अपराधिक जनजाति अधिनियम यानी कि ‘क्रिमिनल ट्राई एक्ट’ पारित किया था। जिसके तहत भारत के कुछ जनजातियों को सामूहिक रूप से मारने का अधिकार अंग्रेजों को दे दिया गया था। इन जनजातियों को अपराधिक घोषित करते हुए इनके प्रत्येक सदस्य को यहां तक की नवजात शिशु को भी अपराधी के रूप में घोषित किया गया था।

इसी एक्ट के तहत ठगों के अलावा कई आदिवासी जनजातियों पर भी काफी जुल्म किया गया। बड़े पैमाने पर इनकी सामूहिक हत्या भी की गई। अंग्रेजों ने ऐसा इसलिए किया था क्योंकि यह जनजाति अपने जमीनों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं थी। और साथ ही यह जनजाति अंग्रेजों के साम्राज्य को भारत में फैलने से भी रोक रही थी। इसलिए इन जनजातियों को खत्म करने के लिए मनमाने कानून बनाए गए, और भारत पर कब्जा करने की मंशा को पूरा किया गया।

अपने चाल को पूरा करने के लिए अंग्रेजों ने बहुत सारे विश्वविद्यालय को फंड दिया, ताकि वह कुछ ऐसी किताबों को लिख सके जिनमें ठगों(Thugs of Hindostan) की गलत छवि को प्रकट किया जा सके। यानी इन सामूहिक हत्याओं को सही साबित करने के लिए ब्रिटिश सांसदों ने कई लेखकों को आर्थिक सहयोग भी दिया था, ताकि वह ठगों के खिलाफ किताबों को लिख सकें। उनको बदनाम कर सके ताकि समाज इन लोगों को कभी अपना ही ना सके। इसी कारण आज ठगों(Thugs of Hindostan) की छवि दुनिया के सामने गलत बन चुकी है। इन्हें हिंसा और अपराध के साथ ही जोड़ कर देखा जाता है। जबकि अगर इतिहास को कि खंगाला जाए तो सच्चाई कुछ और ही सामने आएगी।

तो दोस्तों अब आप जान गए होंगे कि ठग्स ऑफ हिंदुस्तान कौन थे? और कैसे अंग्रेजों ने इन्हें बदनाम किया था।

और इसी पर बॉलीवुड में फिल्म ठग्स ऑफ हिंदुस्तान(Thugs of Hindostan) बनी है। जो आप सबको 8 November 2018 को देखने मिलेगी। जिसमे अमिताभ बच्चन, आमिर खान, कटरीना कैफ और फातिमा सना शैख़ मेन भूमिका निभा रहे हैं।

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